इश्क मोहब्बत       शायरी        

सब लोग इश्क में गुलाब देते हैं हम तुम्हें पायल देंगे जब तुम चलोगी तो हमारा इश्क गूंजेगा

तुमसे बात किए बिना मेरा एक पल नहीं गुजरता तो सोच तुझे देखे बिना मेरा दिल कैसे गुजरता होगा

कल भी तेरे थे आज भी तेरे ही हैं फर्क बस इतना है कल अपनापन था आज अकेलापन है

अगर तुझे खुशी मिलती है मुझसे दूर रहकर तो दुआ है मेरी जान कि तुम्हें हम कभी ना मिले

जिस दिन तुम पर दिल आया था काश उस दिन मौत आ जाती तो अच्छा था

किसी के अंदर प्यार जगह पर उसे छोड़ देना उसकी जान ले लेने के बराबर है

भरोसा सब पर करो पर सावधानी से क्योंकि कभी-कभी खुद के दांत भी जेब काट लेते हैं

प्यार कब हुआ कैसे हुआ कुछ पता नहीं बस इतना जानते हैं आप से हुआ आपसे है और आपसे ही रहेगा