रमजान शायरी हिंदी में | Ramzan Shayari in Hindi

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रमजान शायरी हिंदी में
ramzan shayari in hindi
1
सदा हंसते रहो जैसे हंसते हैं फूल, दुनिया के सारे गम 
तुम्हें जाए भूल, चारों तरफ फैलाओ खुशियों के 
गीत, इसी उम्मीद के साथ यार तुम्हें…
Alvida Jumma Mubarak!

 

2
चाँद से रोशन हो रमजान तुम्हारा,
इबादत से भरा हो रोज़ा तुम्हारा,
हर रोज़ा और नमाज़ कबूल हो तुम्हारी,
यही अल्लाह से है दुआ हमारी…

 

3
रमजान में हो जाएं सबकी मुराद पूरी,
मिले सबको ढेरों खुशियां,
और ना रहे कोई इच्छा अधूरी…

 

4
ऐ चांद उनको मेरा पैगाम कहना,
खुशी का दिन और हंसी की हर शाम कहना,
जब वो देखे बाहर आकर तो,
उनको मेरी तरफ से मुबारक हो रमजान कहना…

 

5
रमजान का चांद देखा,
रोजे की दुआ मांगी,
रोशन सितारा देखा,
आप की खैरियत की दुआ मांगी…

 

6
‘मुबारक हो आपको खुदा की दी यह जिंदगी, 
खुशियों से भरी रहे आपकी यह जिंदगी, 
गम का साया कभी आप पर ना आए, 
दुआ है यह हमारी आप सदा यूं ही मुस्कुराएं रमजान मुबारक!

 

7
ईद आई तुम न आए
क्या मज़ा है ईद का,
ईद ही तो नाम है
इक दूसरे की दीद का!

 

8
देखा ईद का चाँद तो
मांगी ये दुआ रब से,
देदे तेरा साथ ईद का तोहफा समझ कर।
ईद मुबारक।

 

9
ईद आये तुम ना आये क्या है ईद का
ईद हाय तो नाम है एक दुसरे का दीद का
आपा से किसि तराह कट जायगा तुम दिन
तुम जीस से मिलो आज हम को ईद मुबारक।

 

10
आज की दुनिया बहुत एडवांस है इसी एडवांस दुनिया
की एडवांस टेक्नोलॉजी में रहने वाले 1 एडवांस बंदे की तरफ
से आप को एडवांस “रमजान मुबारक

 

11
गुल को गुलशन मुबारक.. शेर ओ शायरी मुबारक..
चाँद को चांदनी मुबारक.. आशिक को उसकी
मेहबूबा मुबारक… हमारी तरफ से आप को ..
. नया रमजान मुबारक हो

 

12
सदा हंसते रहो जैसे हंसते हैं फूल
दुनिया के सारे ग़म तुम्हें जाए भूल
चारों तरफ फैलाओं खुशियों के गीत
इसी उम्मीद के साथ यार तुम्हे
मुबारक हो रमज़ान

 

13
ये सुबह जितनी खूबसूरत है, उतना ही 
खूबसूरत आपका हर एक पल हो,
 जितनी भी खुशियां आपके पास आज हैं, 
उससे भी ज्यादा वो आपके पास कल हों
 रमजान मुबारक!

 

14
खुदा से यही दुआ है हमारी आप
सदा हंसते रहो जैसे हंसते हैं फूल
दुनिया के सारे गम तुम्हें जाएं भूल
चारो तरफ फैलाओं खुशियों के गीत
इसी उम्मीद के साथ यार तुम्हे मुबारक हो रमज़ान
रहमतों की बारिश का महीना है दोस्तों,
ए मेरे मुल्क़ तुझको हो रमज़ान मुबारक़।

 

15
ज़िकर सी दिल को कब करूँ, गुनाह से ख़ुद को
प्यार करूँ, हमरी बेस इटनी सी गुज़ारिश है की,
रमज़ान के माहीन मुख्य हमन अपना दुआँ मुख्य यद रक्खा।

 

16
चांद सी रोशन हो रमज़ान तुम्हारी, एबादत से
भरा हो रोज़ा तुमारा, हर रोज़ा और नमाज़ हो
क़बूल तुम्हारी, ये अल्लाह से है दुआ हमरी।
 

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